कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में लेडी डॉक्टर के साथ रेप मामले को एक महीना हो गया, लेकिन गुस्सा कम नहीं हो रहा है. न्याय की आस में आज भी सैकड़ों जूनियर डॉक्टर अस्पताल के बाहर धरना दे रहे हैं. उनकी अपील पर बुधवार आधी रात लोगों ने अपने घरों की बत्तियां बुझा दीं. राजभवन में भी सन्नाटा पसर गया. सड़कों पर खामोशी नजर आई. बाद में स्टूडेंट्स ने जूनियर डॉक्टर की याद में मोमबत्तियां और दिए जलाए. पीड़िता की याद में मौन रखा. गाए गए और न्याय दिलाने का संकल्प लिया.
ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. ट्रेनी डॉक्टर की मां ये सब देखकर भावुक हो गईं. कहा-आरजी कर अस्पताल ने मेरी एक बेटी छीन ली, लेकिन आज मुझे लाखों बेटे बेटियां मिल गई हैं. मुझे बहुत मजबूत बनाया है. मुझे इंसाफ चाहिए. जैसे मुझे हर दिन, हर रात नींद नहीं आती, मैं चाहती हूं कि दोषियों का भी यही हाल हो. जूनियर डॉक्टरों की अपील पर राज्यपाल ने भी ब्लैकआउट के निर्देश दिए. राजभवन में रात 9-10 तक पूरी तरह ब्लैकआउट रहा. कैंडल जलाकर विरोध जताया गया. बीजेपी के नेता तिरंगा थामकर इस प्रोटेस्ट से जुड़े. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने कहा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आरोपियों को बचा रही हैं. कपिल सिब्बल को खड़ा किया जा रहा है कि ताकि आरोपी को बचाया जा सके. वो भी इस पूरे मामले में आरोपी हैं. उनकी भी जांच होनी चाहिए.
‘बेटी को न्याय दो’ के नारे लगाए
सिर्फ आरजी कर नहीं, कोलकाता के लगभग सभी बाजारों में लोगों ने विरोध जताया है. दुकानों की बत्तियां बुझा दी गईं. घरों की लाइट्स बंद कर दी गईं. कई जगह लोगों ने ‘बेटी को न्याय दो’ के नारे लगाए. बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन तक यही नजारा दिखा. राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने मुख्यमंत्री को निर्देश दिया कि वे आरजी कर की घटना से आक्रोशित बंगाल के लोगों की भावनाओं का ख्याल रखें और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं. क्योंकि अब बहुत हो गया. इस तरह के मामले आगे न हों, इस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए. दोषी बचने नहीं चाहिए.
वी वांट जस्टिस के स्लोगन गूंजते सुनाई दिए
ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या के बाद से आरजी कर के तमाम जूनियर डॉक्टर धरने पर हैं. सड़कों पर कब्जा कर लिया है. बुधवार को उनकी अपील पर आधी रात सड़कों पर हजारों लोग जमा हो गए. चौराहों पर इकट्ठा हुए. किसी के हाथ में मशालें थीं, तो जुबां पर नारे. कोई सड़कों पर तस्वीरें बनाकर विरोध जताता नजर आया. वी वांट जस्टिस के स्लोगन गूंजते सुनाई दिए. सोशल मीडिया पर लाखों लोगों ने इसके सपोर्ट में आवाज उठाई. सबकी एक ही मांग है कि आरजी कर के सभी दोषियों को फांसी पर लटकाया जाना चाहिए.